Sunday, 26 June 2016

प्यार भी हम करें, इन्तजार भी हम,
जताये भी हम और रोयें भी हम..


न जाने क्या मासूमियत है तेरे चेहरे पर.. तेरे सामने आने से ज़्यादा
तुझे छुपकर देखना अच्छा लगता है..!


मोहब्बत के उस मुकाम पर है की, अब नफ़रत
भी प्यार से हो रही है.


तमन्ना तेरे जिस्म की होती तो
छीन लेते दुनिया से, इश्क तेरी रूह से है
इसलिए, खुदा से मांगते हैं तुझे।


जिंदगी मै सिर्फ़ दो ही नशा करना,
जीने के लिए यार और मरने के लीये
प्यार..


सुना है तुम ज़िद्दी बहुत हो, मुझे भी
अपनी जिद्द बना लो.!!


बारिश की बूँदों में झलकती है
तस्वीर उनकीऔर हम उनसे मिलनें
की चाहत में भीग जातेहैं..!!!


जो मैं रूठ जाऊँ तो तुम मना लेना, कुछ न कहना बस
सीने से लगा लेना।


आज तो हम खूब रुलायेंगे उन्हें, सुना है उसे रोते हुए लिपट जाने
की आदत है !
हुए बदनाम मग

र फिर भी न सुधर पाए हम, फिर
वही शायरी, फिर वही इश्क,
फिर वही तुम.


सिर्फ तूने ही कभी मुझको अपना न
समझा, जमाना तो आज भी मुझे तेरा दीवाना
कहता है.!


मोहब्बत है मेरी इसीलिए दूर है मुझसे,
अगर जिद होती तो शाम तक बाहों में होती



धडकनों को कुछ तो काबू में कर ए दिल.. अभी तो
पलकें झुकाई है मुस्कुराना अभी बाकी है
उनका.


वो खुद पर गरूर करते है, तो इसमें हैरत की कोई बात
नहीं, जिन्हें हम चाहते है, वो आम हो
ही नहीं सकते !!


तुम जिन्दगी में आ तो गये हो मगर ख्याल रखना, हम
'जान' दे देते हैं मगर 'जाने' नहींदेते !!


खुद ही दे जाओगे तो बेहतर है.. वरना हम दिल चुरा
भी लेते हैं..!


ज़िन्दगी बहुत ख़ूबसूरत है, सब कहते थे, जिस दिन
तुझे देखा, यकीन भी हो गया !!


कितनी मासूम सी है ख्वाहिस आज
मेरी, कि नाम अपना तेरी आवाज़ से सुनूँ !!!


अच्छा लगता हैं तेरा नाम मेरे नाम के साथ, जैसे कोई खूबसूरत
सुबह जुड़ी हो किसी हसीन
शाम के साथतू सचमुच जुड़ा है गर मेरी
जिंदगी के साथ, तो कबूल कर मुझको मेरी
हर कमी के साथ !!!


तुम मुझे अच्छी या बुरी नहीं
लगती, तुम मुझे सिर्फ मेरी
लगती हो!!!


तेरी याद से शुरू होती है मेरी
हर सुबह, फिर ये कैसे कह दूँ.. कि मेरा दिन खराब है..!!


होता अगर मुमकिन, तुझे साँस बना कर रखते सीने में,
तू रुक जाये तो मैं नही, मैं मरजाऊँ तो तू
नही..!!!


ऐ समन्दर मैं तुझसे वाकिफ हूं मगर इतना बताता हुँ, वो आंखें
तुझसे ज्यादा गहरी हैंजिनका मैं आशिक हुँ..!!


न जाने क्या मासूमियत है तेरे चेहरे पर.. तेरे सामने आने से ज़्यादा
तुझे छुपकर देखना अच्छा लगता है ..!!!


अपनी मौत भी क्या मौत होगी,
यू ही मर जायेंगे एक दिन तुम पर मरते-मरते !


पोथी पढ़ पढ़ जग मुआ, पंडित भया न कोय । ढाई
आखर प्रेम का, पढ़े सो पंडित होय ।


क्यो ना गुरूर करू मै अपने आप पे.. मुझे उसने चाहा जिसके चाहने
वाले हजारो थे!


कागज़ों पे लिख कर ज़ाया कर दूं, मै वो शख़्स नही.. वो
शायर हुँ जिसे दिलों पे लिखने का हुनर आता है.


पगली तू बात करने का मौका तो दे, कसम से कहता हु,
रूला देंगे तुझे तेरे ही सितम गिनाते गिनाते


तेरे इश्क से मिली है मेरे वजूद को ये शौहरत, मेरा
ज़िक्र ही कहाँ था तेरी दास्ताँ से पहले।
लम्हा भर मिल कर रूठने वाले, ज़िंदगी भर
की दास्तान है तू !हर कोई पूछता है, करते क्या हो
तुम ???


जेसे मोहब्बत कोई काम ही नहीं..बाज़ार
के रंगों से रंगने की मुझे जरुरत नही,
किसी की याद आते ही ये
चेहरा गुलाबी हो जाता है..


तरस गए हैं तेरे लब से कुछ सुनने को हम.. प्यार की
बात न सही कोई शिकायत ही कर दे..


सारा बदन अजीब से खुशबु से भर गया शायद तेरा
ख्याल हदों से गुजर गया..


सौदा कुछ ऐसा किया है तेरे ख़्वाबों ने मेरी
नींदों से...या तो दोनों आते हैं ... या कोई
नहीं आता !!


सिर्फ दो ही वक़्त पर उसका साथ चाहिए, एक तो
अभी और एक हमेशा के लिये..
करीब आओ ज़रा के तुम्हारे बिन जीना है
मुश्किल, दिल को तुमसे नही..
तुम्हारी हर अदासे मोहब्बत हैहो जा मेरी
कि इतनी मोहब्बत दूँगा तुझे, लोग हसरत करेंगे तेरे
जैसा नसीब पाने के लिए..!!


मैं अपनी मोहब्बत में- बच्चो की तरह
हूँ, जो मेरा हैं बस मेरा है किसी और को क्योदुँ


तन्हाई मैं मुस्कुराना भी इश्क़ है, इस बात को सब से
छुपाना भी इश्क़ है, यूँ तो रातों को नींद
नही आती, पर रातों को सो कर
भी जाग जाना इश्क़ है।


बादलों से कह दो अब इतना भी ना बरसे... अगर मुझे
उनकी याद आ गई, तो मुकाबला बराबरीका
होगा...


तुम जिन्दगी में आ तो गये हो मगर ख्याल रखना,हम
'जान' दे देते हैं मगर 'जाने' नहीं देते !!


गर्मी तो बोहत पढ़ रही है। फिर
भी उनका दिल पिघलने का नाम ही
नहीं ले रहा ।


हसरत है सिर्फ तुम्हें पाने की, और कोई ख्वाहिश
नहीं इस दीवाने की,
शिकवा मुझे तुमसे नहीं खुदा से है, क्या ज़रूरत
थी, तुम्हें इतना खूबसूरत बनाने की !!


ये आशिको का ग्रुप है जनाब..!! यहाँ दिन सुरज से
नही, दीदार से हुआ करते है !!!


तस्वीर बना कर तेरी आस्मां पे टांग आया
हूँ और लोग पूछते हैं आज चाँद इतना बेदाग़ कैसे है


जब तू दाँतो मे क्लिप दबा कर, खुले बाल बांधती है..!!!
कसम से एक बार तो जिंदगी, वही रुक
जाती हैं..


जरा देखो तो ये दरवाजे पर दस्तक किसने दी है, अगर
'इश्क' हो तो कहना, अब दिल यहाँ नही रहता..


अगर हम सुधर गए तो उनका क्या होगा जिनको हमारे पागलपन से
प्यार है


हज़ार बार ली है तुमने तलाशी मेरे दिल
की, बताओ कभी कुछ मिला है इसमें प्यार
के सिवा..


मुहब्बत में झुकना कोई अजीब बात नहीं,
चमकता सूरज भी तो ढल जाता है चाँद के लिए।


सोचते हैं जान अपनी उसे मुफ्त ही दे दें,
इतने मासूम खरीदार से क्या लेना देना।


तू मिले या ना मिले ये तो और बात है, मैं कोशिश भी ना
करूँ, ये तो गलत बात है॥


ना हीरों की तमन्ना है और ना परियों पे
मरता हूँ.. वो एक 'भोली' सी
लडकी हे जिसे मैं मोहब्बत करता हूँ !!


उसकी हर एक शिकायत देती है मुहब्बत
की गवाही.. अजनबी से वर्ना
कौन हर बात पर तकरारकरता है ?


सोचता हु हर कागज पे तेरी तारीफ करु,
फिर खयाल आया कहीँ पढ़ने वाला भी तेरा
दीवाना ना हो जाए।

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